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College life days

  कॉलेज के वो दिन   याद है ना,कॉलेज का वो पहला दिन,ना जान कितने अंजन चहरो के बिच मै हम  पहली बार बैटने  वाले थे । स्कूल से अभी-अभी निकले थे। कॉलेज जाने का एक अलग ही जुनून था हमारे अन्दर।जो स्कूल के  टॉपर थे उन्होने तो पहले ही सोचे रखा था कि किसी ना किसी क्लब का हेड हमे बनना ही हैं। क्लास मैं कुछ अवरेज बच्चे भी थे । जो अपने काम से काम रखते थे।जो कॉलेज से सीधा घर और घर से कॉलेज , बीच मैं उन्होने किसी से कोई मतलब  नही रहता था। फिर आते हैं हमारी क्लास मैं होनहार छ्त्रे , बैक बैंचर इनके बिना तो हमारी कॉलेज वाली लाइफ की कहानी अधूरी रहती हैं।                        क्लास मैं सबसे ज्यादा एक्टिव  यही रहते है , पढ़ाई के लिए नही मस्ती जो करनी होती थी क्लास के हरे बच्चे के साथ। टीचर भी कभी खासे थे न वो , स्कूल मैं टीचर सिर्फ पढ़ाते थे , लेकिन कॉलेज मै आने पर पता चला कि इसे अनजान शहर मैं पेर्ंट्स की तराह खयाल रखते थे। फिर आती है हमारी क्लास की वो गर्ल्स , फर्स्ट ईयर मैं आये तो थे हम...